हाँ वहीं हिंदुत्व है
हाँ वहीं हिंदुत्व है NAVNEET ।। हाँ वहीं हिंदुत्व है ।। अडिग पर्वत हिमालय सा जिसका अस्तित्व है न हिला सका कोई जिसे हाँ वहीं हिंदुत्व है कितने आए दहशतगर्दी कितनों ने कितनी चेष्टा की शाब्दिक अर्थ बदलने को छल किया चाल रची पर अंगद पाँव सा डटा रहा हिंदुत्व की अपनी रौशनी चंद चालबाजों के दुष्कर्म से बिगड़ेगा इसका कुछ नहीं परिपूर्ण सेवा भाव से इसने सबको अपनाया है वसुधैव कुटुम्बकम का दिया सबक हिदुत्व तो जग का साया है - नवनीत