सुंदरता
गगन में निकले चाँद जैसा
जगमगाते तारे सी सुंदरता
सूर्योदय के झील की जैसे
आकर्षक तेरी रमणीयता
किरण तेरे चेहरे से चमके
भानु से ज्यों चाँद है दमके
स्थिरता है पेड़ सी तुझमें
तू सुंदर सी कोई वाटिका
हो पद्मिनी सरोवर में जैसे
तुम सरस्वती लक्ष्मी सी हो
तू पुष्प सी मोहक कोमल
धैर्य की परिभाषा तुम हो
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