यात्रा
कुछ देते साथ, विश्वास
सदैव रहने का आभास
कुछ ठोकर भी राहों में
कांटे जो चुभाते पावों में
यात्रा जीवनपर्यंत चलता
यात्री है कई राह बदलाता
थक रुक के आगे बढ़ता
अपना भाग्य स्वयं बदलता
है जीवन गमन का नाम
पड़ाव पा करना विश्राम
रुकावटों से आगे बढ़ना
अपनी कथा स्वयं गढ़ना
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