यादें
शास्वत यादें अतीत की
अनुभव दीक्षा सीख की
जीवनपर्यंत रहे साथ में
तपता सोना कुंदन बने
कुछ सुगम कुछ भूल चूक
कुछ ज्ञान कुछ यथा हीं रहे
यादों की वो गहराइयां
सदैव हीं उत्साहित करे
बीता पल कुछ देकर गया
अनागत जो क्षण आएगा
यादों के ही सहारे वह भी
तत्पश्चात पुनः मुस्काएगा
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