बंद कर दी
जो समझते हो, समझो तुम
ये तुम्हारी सोच, हमारा क्या
तेरे लिए क्यों स्वयं को बदलूं
औरों की सुननी, बंद कर दी
जैसा हूं, हूं, बदलनी बंद कर दी
भला हूं, भलाई लेनी बंद कर दी
साफ हूं, सफाई देनी बंद कर दी
कैसा हूं, गवाही देनी बंद कर दी
कौन यहां उत्तम, कौन सर्वोत्तम
अल्पता है सभी में हीं कुछ यहां
मैंने तो किसी और की सोच पर
अपनी हीं ध्यान देनी बंद कर दी
अगर किसी के कहने पर
उँगली स्वयं पर उठने पर
अपनी मैं अच्छाई छोड़ दूं
जीवन की दिशा मैं मोड़ दूं
विचारों को अब औरों के
अपनें ऊपर क्यों लूं भला
बस, सुनने–समझने तक
सुझाव लेनी हीं बंद कर दी
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