आप

आप वो दिनकर हो
जिसने प्रभा दी हमें
आप वो प्रभा हो
जिसने हमें मार्ग दिखाया

आप वो मार्ग हो
जिससे लक्ष्य पाई हमनें
आप वो लक्ष्य हो
पहुंच जहां मन हर्षाया

आपने सदा थाम अंगुल
राहों को सुगम किया
आपने द्रोणाचार्य सा
अर्जुनों को बल दिया

आपकी पहचान है
सुदृढ़ता सुधीरता
जटिलताओं में, तिमिर में
विश्वास दिया रजनीकांत सा

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