भारत का इतिहास रहा
भारत का इतिहास रहा
साधु संतों का वास रहा
आक्रमण हुए कई परंतु
अटूट सदा विश्वास रहा
हर वक़्त को इसनें है देखा
हर वातावरण इसनें जाना
बदलते कई रिश्ते देखे
अपनों को ही छलते देखे
पर अडिग रहा अविरल रहा
हर सुख संग हर कष्ट सहा
भारत का अपना अभिमान
तोड़ेगा क्या कोई शैतान
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