दीपावली- कोई क्या इन्हें बतलाएंगें

कोई क्या इन्हें बतलाएंगें

NAVNEET


।। दीपावली- कोई क्या इन्हें बतलाएंगें ।।


दीपावली का रंग हो कैसा

श्री राम स्वयं समझाते हैं

सजी अयोध्या जिस तरह से

दीवाली वैसी भक्त मनाते हैं


मिटटी के दीपक जले थे

हर्ष हर एक मुख पर था

आश्विन की अमावस्या को

पूर्ण अयोध्या जगमग था


सकारात्मक प्रकाश हेतु जीवन में

छाँटने नकारात्मकता का अंधकार

समस्त लोग संग थे उस पल

उमर रहा था ह्रदय में प्यार


राम राज्य की नींव पड़ी थी

माँ लक्ष्मी का जन्मदिवस

निर्वाण लिया था वर्धमान महावीर नें

कृष्ण सत्यभामा ने किया नारकासुर वध


दिवस पूजन का, दिवस स्मरण का 

भक्तगण घर घर दीपक जलाएगें

निषेध पटाखों से स्वयं रखेंगें

कोई क्या इन्हें बतलाएंगें


- नवनीत 

Comments

Popular posts from this blog

चक्रव्यूह

वो क्षण

सच्चाई