एकतरफा प्यार
एकतरफा प्यार
NAVNEET
।। एकतरफा प्यार ।।
उस प्यार का भी न
अपना एक मज़ा था
माना वो सिर्फ मेरा था
माना वो एकतरफा था
देखकर उनको, मन खिल उठता था
सर्द हो जाती थी हवाएं
बड़ा अच्छा लगता था।
नज़रें जब उनसे मिलती थी
संतोष मिलता था
न होश हमें रहता था
जब वो मुस्कुराते थे
उनकी एक झलक के लिए
हम राहों में नज़रों के फूल बिछाते थे
- नवनीत
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