यूँ ही नहीं चीन काँपा है
यूँ ही नहीं चीन काँपा है
NAVNEET
।। यूँ ही नहीं चीन काँपा है ।।
माहौल उन्होंने भाँपा है
यूँ ही नहीं वो काँपा है
जब उलटी पड़ी लद्दाख की चाल
तब से चीन है बेहाल
वो समझ गए आसान नहीं
मन में जो बातें पालें है
अब सीमाएं सुरक्षित हैं
चौकन्ने अपने रखवाले हैं
अब देश में भी एक गुस्सा है
कोई शांत न रहने वाला है
हम पहले प्रेम से जीतते हैं
जो न मानो तो ज्वाला हैं
हम मानवता पर चलते हैं
बस प्रेम से ही पिघलते हैं
जो अपनेपन को बांटोगे
तब ही अपनापन पाओगे
जो फन अपना फैलाओगे
तो बाद में फिर पछताओगे
- नवनीत
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