चमक

चमक चेहरे की कुछ पल
चमक मन का युगों का है
चमकती आँखें कहती यह
किया कुछ तुमनें आकर्षक

रहें साथ मिलकर सब
करें चिंता एक दूजे की
चमकाएं साथ में भविष्य
चमक चेहरे पर सबके हों

आभा फैले दुनियां में
घृणा हो दूर दुनियां से
रहे इंसानियत ही सबमें
चमके संसार सब चमकें

Comments

Popular posts from this blog

चक्रव्यूह

मित्रता

सफ़र