लाल रंग
जीवन में सुंदर ढाल रंग
आकर्षक लगे लाल रंग
सुहाग झलके नारी का
शोभा निखारे लाल रंग
पाँव शोभित महावर लाल
अधोभाग में सोलह श्रृंगार
द्योतक समृद्धि सौभाग्य का
अटूट राधा कृष्ण के प्रेम सा
भुजाओं में जो कंगन लाल
बाहु का खूबसूरत अलंकार
साहस निडरता सह प्रेम संग
चिरस्थायी सम्बन्ध का श्रृंगार
शोभित ग्रीवा माल्य लाल
समर्पित ईश्वर को श्रृंगार
शुभ फलदायी शांत मंगल
संपूर्ण जीवन रहे सुमंगल
कुमकुम लाल ललाट पर
लालिमा ज्यों आदित्य सा
कुमकुम छठा त्रिनेत्र चक्र
संपन्नता स्वयं मां लक्ष्मी का
है सिंदूर लाल से शोभे मांग
उमा संग उमानाथ सर्वांग
अखंड सौभाग्यवती वरदान
है सिंदूर में जैसे बसता प्राण
शीतलता की छांव में
यूं ऐसे हीं संभाल रंग
सदैव जीवन में यूं हीं
खिलता रहे लाल रंग
Comments
Post a Comment