याद
होते कितने खूबसूरत
यादो के झरोखे
मन जब अशांत
चले यादो के भरोसे
अच्छी–बुरी हो यादें
साथ सदैव रहती
न होना तुम विचलित
सीख देती रहती
यादें जीने का सहारा
ज्यों नदी का किनारा
हो जिनसे पृथक तन
याद करता उनको मन
याद फरियाद सा
चाहे फिर से साथ
साथ जब न मिले
रह जाती बस याद
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