तुम
यूं कातिल निगाहों से
मुझको देखा ना करो
यूं इतनी खूबसूरती से
तुम मुस्कुराया न करो
तुम्हें देखकर मुझको
लगता क्यों ऐसा की
फूलों की बगिया तुम
शीतल हिमालय सी
यूं अपनी अदाओं से
करो ना तुम घायल
बिन किए कुछ तुम्हारे
तुमपर हैं हम पागल
ये मासूम चेहरा प्यारा
क्या सजना संवरना
खूबसूरत तुम इतनी
बिना कुछ किए हो
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