निश्चल

चाहे जानें तुझको हीं क्यों
प्रेम मेरा यह निश्चल सा
बहता है यादों में तेरी
जीवन धारा में अविरल सा

विश्वास अटूट आशाएं गहरीं
बन जाओ मेरी खुशियों के प्रहरी
देना साथ ज्यों चांद चांदनी
जीवन का मेरे बन रौशनी

अंधकार को यूं हीं तुम हरना
कदम मिला कर साथ चलना
हांथ पकड़ आभास तुम देना
हारूं अगर विश्वास तुम देना

तुम बन रहना मेरा साया
रूह तुम, मैं तो बस काया
हो तुम मेरे जीवन को आशा
साथ तुम जो क्या हो निराशा

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