ज़िद

ज़िद 

NAVNEET


।। 
ज़िद ।।


ज़िद थी आज़ादी की

कि कई फाँसी पर झूल गए

ज़िद थी अपनों की सेवा

इसलिए अपनों को भूल गए


ज़िद थी की भारत माता

ज़ंजीरों से आज़ाद रहें

ज़िद थी देश का हर नागरिक

खुश रहे आबाद रहे


ज़िद उनकी की हम स्वतंत्र

ज़िद उनकी की हम गणतंत्र

ज़िद को उनके दें सम्मान

मिल रहे देश का हर इंसान


- नवनीत

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