Posts

Showing posts from June, 2023

यात्रा

कुछ देते साथ, विश्वास सदैव रहने का आभास कुछ ठोकर भी राहों में कांटे जो चुभाते पावों में यात्रा जीवनपर्यंत चलता यात्री है कई राह बदलाता थक रुक के आगे बढ़ता अपना भाग्य स्वयं बदलता है जीवन गमन का नाम पड़ाव पा करना विश्राम रुकावटों से आगे बढ़ना अपनी कथा स्वयं गढ़ना

तीसरा लोक

लोक तीसरे की बात निराली लाता यह जीवन में हरियाली सामयिकी से अवगत कराता अद्यतन यह स्थिति बतलाता अंजान बनते है अभिन्न मित्र सुगंधिहीन जीवन में ज्यों इत्र हर माहौल में साथ ये देता सही उपयोग कराता डेटा हर पल को ये मधुर बनाता जन जन को साथ ये लाता ये नहीं बस एक महज़ संयोग अपनत्व बढ़ाता तीसरा लोक

अब जाता हूं .....

बस यहीं तक यह आसमान  अब आगे कोई और जहान एक यात्रा का पड़ाव आया एक यात्रा का बहाव आया कुछ तारे जगमग मैं छोड़ चला कुछ अंधकारमय पल थे बीते कभी था सूरज मेरे आंचल में कभी अमावस में थे रैन बीते पर अंबर कभी झुकने न दिया विस्तार नभ का रुकने न दिया आंधियां भी चलीं तूफान आए था थामा सब अपनें दामन में कभी अपनों ने विश्वास दिया कभी अपनों ने न साथ दिया कुछ पल में हर्ष का मेला था कुछ पल थे जब अकेला था पर नभ सा मैं विशाल रहा हर कोई मुझको भाया था आते थे भले बादल काले टिकते न थे, थे बरस जाते अंधेरों को पर टिकने न दिया और तारों को बिकने न दिया वो चकोर जो थे घेरे चंदा को उन चकोरों को मिटने न दिया अब जाता, पर इस चिंतन में ये भी एक क्षण था जीवन में मुझमें पर कोई बदलाव नहीं हां, मैं जैसा हूं, वैसा हीं सही