भारत की बेटी
मेहनत की रोटी खाती हैं न हाँथ कहीं फैलाती हैं ये महिलाएँ प्रतिष्ठा से घर अपना चलाती हैं आओ इनका सम्मान करें परिश्रम पर अभिमान करें ये माँ भारत की बेटी हैं कर्मठ जीवन बिताती हैं कर्म को पूजा समझें घर संग राष्ट्र चलाती हैं होता क्या जीवन जीना ये महिलाएँ बतलाती हैं